Monday, December 30, 2013

bye...bye 2013





















                             felin storm in varanasi (durga puja)









                                                                       little snake baby














       by;- wandera the kent.....Ravi kant yadav 

Wednesday, December 11, 2013

राजनिति (politics)

जन स्वाथ्य  कार्य  जोरो पर चल रहा था । समूहो में बटकर  लोग अपना प्रचार के साथ ,राहत  सामग्री का वितरण कर रहे थे । 
५-६ समूहो के लोग घर मोह्हलो में जाकर अन्य राहत  की  सामग्रिया ,दवा , फल,कपडे आदि का वितरण कर रहे थे , तभी एक समूह दल अँधेरे से घिरे ७-८ झुग्गी ,झोपड़ियो की  तरफ  मदद व रहत को सोच बढ़ता है । 
तभी एक कड़कती आवाज़ आती है । 
"रुको उधर मत जावो , वो इलाके के लोगो का नाम मतदाता सूची  में नहीं है । "


जाने  वाला व्यक्ति वही खड़ा उन लोगो की  तरफ २ मिनट देखता रहा , फिर बड़े निराशा से सोचा। …हाँ  इन लोगो का नाम वोटल लिस्ट में सामिल नहीं है । क्यों कि वो वास्तव में बहुत ही  गरीब है । 

लेखक ;-स्वार्थ रहित  … रविकन्त यादव 

Thursday, November 14, 2013

क्रिकेट का योद्धा (warrior of cricket)

सचिन के सन्यास के साथ ही ,क्रिकेट के एक सदी का अंत हो गया । मै यह कहना चाहुगा कि वो एक क्रिकेट के खिलाडी कम योद्धा ज्यादा थे । तमाम चोटो से उबर  कर ,उन्होंने कई विजय धव्ज को स्थापित किया ।
वो खिलाडी के रूप में वो पूरी तरह क्रिकेट को समर्पित योद्धा थे ।
उनके जीवन  कैरियर  में one डे मेंउनका औसत हर मैच में उन्होंने ४० रन का योगदान दिया है ।और टेस्ट में हर पारी में  सब मिला कर, हर मैच में उन्होंने ७०  रन बनाये है । 
आप इसी से अंदाजा लगा सकते है, कि सचिन न होते तो इंडिया क्रिकेट का क्या होता । 
उन्हें खेलते देख बस यही प्रार्थना होती कि ३०, अर्धसतक हो जाये और अर्ध शतक ,शतक  बन जाये । 
अब जब उनका बल्ला व हौसला साथ नहीं दे रहा है , तो उनका सन्यास लेना  ही हितकर है । अब कल उनके आखिरी टेस्ट ( २००) वे  कहा तक स्कोर करते है । ?? जो भी हो हम क्रिकेट प्रेमियो के लिए उन्हें भूलना मुस्किल ही नहीं ,नामुमकिन है ॥ 
लेखक;- फैन  … रविकान्त  यादव 

Sunday, September 22, 2013

मेरा मुख्यमंत्री (my expected c.m. )

मैंने पढ़ा ,आपके कार्यकाल के १ वर्ष पूर्ण हुए , । मेरे बाबा आपके पापा के फैन  थे । , मेरी नजर में मेरा मुख्यमंत्री कैसा हो ।, मैंने पेपर में, समीक्षा पढ़ा अधिकतर विधायक आपको कानून ब्यवस्था में फेल  बता रहे है । तो कही आपको १० में से ४ अंक मिले है ,। शायद आपसे अपेक्षाये  ज्यादा है , वायदे पुरे हुए अच्छी बात है , परन्तु धन हवा में व्यय न हो , वोट कीमती नहीं है ,जरुरत है जनता के दिलो में जगह बनाने की ,।  अपने प्रतिनिधि हर गाँव  हर स्कूल भेजे उनकी  सुने हर विधायक से मिले ,गांवो का विकास हो व गाँवों को ज्ञान मिले ,शहरों की समस्याए सुने । दुसरे राज्य से आकर बसे लोगो को विशेष नागरिक दर्जा  मिले  । 
कानून व्यवस्था को सही करने के लिए कुछ ५०-६० ईमानदार ,कर्तव्य निष्ठ ,पुलिस  वालो की सत्यता जांचे व उन्हें हर २६ जनवरी ,१५ अगस्त २ अक्टूबर को सम्मानित करे ,इनमे बहादुरी के नाम पर डिंग हाकने वाले पुलिस न हो ,तानाशाही न हो संबिधान को देखे और इसे और चुस्त -दुरुस्त तेज़ बनाये । जरुरत हो तो तुरंत संशोधन  करे ,भ्रष्ट लोगो के लिए  ,खोज  टीम बनाये ,तथा उन्हें तुरंत अपने कार्यकाल तक बर्खास्त करे ,। 
पत्र  और मेल से भी जनता की बार बार  सुने और कार्य करे । क्यों की सहारा बेसहारा न हो 
,। 
हर गाँव शहर में अक्षम विकलांग को शिक्षा व सुविधा उपकरण मिले । 
हर गाँव शहर  तक शिक्षा ,दवा ,रोजगार  को सबसे ऊपर रखे , आपकी योजना ग्राम प्रधान से लेकर विधायक तक होकर जन-जन तक पहुचे , एक टीम बनाये जो गाँव -गाँव जाये ,सुने ,देखे और   सम्भव  हो तो पोल के आधार पर भी तुरंत कार्य करे । विज्ञानं का युग है ,इसकी सहायता ले  बिजली पर विशेष कार्य हो , गाँवों में प्रतिदिन रात में ६से १० बिजली जरुर मिले , लोगो को (किसानो )सोलर लाइट मिले , तथा गाँव -गाँव सोलर इन्वेर्टर बांटेजाय ,बरसात में पानी से , जाड़े में उरेनिएम और गर्मी में कोयले से बिजली उत्पादन हो ,पर्यावरण को हानि न हो सारे सिस्टम में जंग खाई वस्तु  को हटा कर नयी लगवाए । ,कार्य के साथ कर्मचारी को भी चुस्त -दुरुस्त होना चाहिए । गर्मी में    नहरे पानी से लबालब भरी हो ,। जनता को विशेष सेवा देकर कुछ धन जुटा सकते है ।हर सप्ताह कोई न कोई २-३ विशेष दिन पड़ ही जाते है , जैसे बालदिवस ,शिक्षक दिवस, पर्यावरण दिवस, सहीद दिवस, विजय दिवस, जल दिवस, जीव संराक्षण ,शांति दिवस, उर्जा,महिला दिवस, महापुरुष दिवस, केवल इन्ही को ध्यान रख कार्य हो तो आप सफलतम होगे ,मेरा मन्त्र है ,ज्ञान के साथ तेज़ी ,हर सरकारी संस्था को अच्छे से बेहतर व बेहतर से बेस्ट (सर्वोत्तम)बनाने के लिए जरुर चुने कोई पुल ,स्कूल,अस्पताल, बने तो तेज़ी से नहीं तो न, बने तो ही ठीक ,क्यों की विश्वास बहुत बड़ी उपलब्धि है । 

एक थके -उदास चेहरे पर वह चाहे कोई भी हो उस पर मुस्कान  लाना ,बहुत बड़ी उपलब्धि है । 
महानता पूछ कर नहीं आती ,अवसर बनता है , परन्तु सदुपयोग ,विचार ,ताकत ,शक्ति में जन और जज दोनों की भागीदारी हो , एक c.m. के तौर  पर आपकी परीक्षा अभी बाकी है ,। सदा अपने दिमाग के साथ दिल से निर्णय ले  , वोट तो अपने आप बनते रहेगे ,केवल वोट सब कुछ नहीं है ,दुसरो पर कीचड़ उछालना सही राजनीती नहीं है ,जनता सब से समझदार है ,। 
क्यों की मुझे वोट नहीं आपका प्यार चाहिए ,जब हम गाँधी ,सुभाष ,की फोटो देखकर ,गाँधी,सुभाष बन सकते है , तो एक प्रेरक पुरुष क्यों नहीं बन सकते । हमें अंग्रेजी का persist और २४ घंटे जनहित ,राज्यहित सोचने वाला c.m. चाहिए ,क्योकि आप के पास एक बड़ी टीम है ॥ 
अंत में यही की पूरब से उगने वाले इस सूर्य की रोशनी इतनी तेज़ हो की इसकी तपिस सारा विश्व जान जाये , बड़ा आदमी बनने के लिए बड़ा होना जरुरी नहीं है ॥ इस देश में अच्छे भी है ,और बुरे भी ,और मै  ये विश्वास से कह सकता हु ,अच्छे लोग ज्यादा है ,और हर समस्या का innovation समाधान जरुरी है । एक तरह कह सकते है , कार्य ही प्रचार, प्रसिद्धि  है , और अहंकार अच्छे खासे व्यक्ति का समन। …॥। 
लेखक ;-आशान्वित।।।।रविकान्त  यादव