वैसे तो हमारा भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सेना है । यहाँ शहीदों की कमी नहीं है ,।
पर क्या शहीद होना जरुरी है ,?
समय व वेतन के साथ साथ हमें extreme technology भी जरूर चाहिए ।
१) क्या हमारे पास उन्नत गैस मास्क है ।
२) क्या हमारे पास उन्नत आपात सेना के लिए डॉक्टरी सेवा है ।
३) क्या हमारे पास बुलेट प्रूफ सेना ट्रक है ।
४) क्या हमारे पास ड्रोन है ,?( without pilot )
६) क्या हमारे पास हाइड्रोजन बम है ?
७) क्या हमारे पास राडार से बचने वाला ख़ुफ़िया विमान है ?
८) क्या हमारे पास ड्रोन में ही उन्नत गोली बम रोधक कवच है ?
९)क्या हमारे पास नाईट विज़न रात में देख सकने वाले चस्में है ?
१०) क्या हमारे पास कमांडो ट्रेनिंग अमेरिका व चीन से ज्यादा कारगर है ?
११)क्या हमारे पास बन्दूक जो लेज़र व दूरबीन व bend की काबिलियत के साथ उपलब्ध है ।
१२) क्या हमारे पास 6 हवा में ही भेदने की शक्ति वाली एंटी मिसाइल है ?
१३) क्या हमारी सेना के पास आधुनिक अस्त्र सस्त्र अपडेट होते है ?
१४) क्या सेना के सारे मिग विमान दुर्घटना ग्रस्त हो गए है , या कुछ बचे है ?
१५) क्या हमारे पास ६ पनडुब्बी है , जिनके पास जल से जल तक मारक क्षमता है ?
१७) भारत विस्व का ७ वा सबसे बड़ा क्षेत्र फल वाला देश है , फिर भी पिछड़े होने का कारण क्या है ?
१८) क्या हमारे पास लेसर गन है ?
१९) क्या हमारे पास बुलेट प्रूफ जैकेट है ?
अंत में यही की हमारी सेना सियाचिन ग्लेशियर जो विस्व का सबसे ऊँचा व दुर्गम रणक्षेत्र है , जहा १० हज़ार सैनिक तैनात है ,तथा एक दिन का खर्च 5 करोङ रूपये आता है ।
फिर भी यहाँ रहना मौत के मुह में रहने के बराबर है । मुह से निकली हवा तक जम जाये ,हाल ही में शहीद सैनिक हनुमनथप्पा सहित 10 सैनिको की घटना याद करने की जरुरत है ।
ये लोग बताते है , जिंदगी जीने के लिए नहीं है , यह एक कर्तव्य है , जिसे निभाकर तुरंत शांत भाव से पथ प्रदर्शक बनना चाहिए ।।
लेखक;- क्या!!!क्यों ........ रविकांत यादव the kent
for more search me on google or click me ;-facebook.com/ravikantyadava
No comments:
Post a Comment